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समाज कार्य के मूल्यसमाज कार्य के मूल्य

समाज कार्य के मूल्य क्या है ?

समाज कार्य के मूल्य अत्यधिक महत्वपूर्ण है। यह समाज में सुधार और सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम होता है। समाज कार्य से समाज में समृद्धि, सामाजिक समानता, और विकास की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलता है। समाज कार्य विभिन्न क्षेत्रों में किए जाते हैं जैसे कि शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन, नारी सशक्तिकरण, बच्चों के अधिकार, जलवायु परिवर्तन से जुड़े पहलु, और बड़े समुदायों के विकास के लिए। समाज कार्यकर्ता और संगठन समाज में जागरूकता पैदा करने, जागरूकता बढ़ाने, और लोगों को सकारात्मक दिशा में मार्गदर्शन करने में मदद करते हैं। ये कार्य समाज में सामाजिक जागरूकता और सामाजिक उत्थान को प्रोत्साहित करते हैं जिससे समाज में सुधार हो सके।

समाज कार्य के मूल्य यह बताते हैं कि समाज में सहायता, समर्थन और समर्पण की भावना एक समावेशी समाज के निर्माण हेतु बेहद आवश्यक हैं और सामाजिक समृद्धि की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

समाज कार्य, जिसे व्यावसायिक सामाजिक सेवा भी कहा जाता है, समाज के उत्थान और सुधार में निरंतर योगदान करने का मूल्यवान परिचय है। यह व्यक्तियों की मदद करने, गरीबों, दिव्यांग व्यक्तियों, बच्चों, बुजुर्गों, विधवाओं और सामाजिक रूप से वंचित व्यक्तियों के लिए सुविधाएँ प्रदान करने, सामाजिक जागरूकता फैलाने, समाज में बदलाव लाने और सामाजिक समस्याओं का समाधान करने का काम करता है।

समाज कार्य के मूल्य
समाज कार्य के मूल्य

समाज कार्य के मूल्यों के उदाहरण

  • व्यक्तियों के स्वाभाविक गरिमा और मूल्य के प्रति सम्मान,
  • सामाजिक न्याय, दूसरों की सेवा, ईमानदारी और नैतिक अभ्यास, समर्थता,
  • मानवीय संबंधों के महत्व, सशक्तिकरण, गोपनीयता, वक्तव्यप्रचार, सांस्कृतिक योग्यता

समाज कार्य के मूल्य निम्नलिखित हैं

  • समाज में सहायता: समाज कार्यकर्ताओं द्वारा किए जाने वाले कार्य से गरीब और वंचित व्यक्तियों को सहायता मिलती है, जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है।
  • समाज में समरसता बढ़ाना: समाज कार्य विभिन्न धर्म, जाति, भाषा, और क्षेत्रों के लोगों को एक साथ आने और सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
  • शिक्षा और जागरूकता: समाज कार्यकर्ता शिक्षा के माध्यम से सामाजिक समस्याओं पर लोगों को जागरूक करते हैं और समाधान ढूंढने के लिए उन्हें प्रेरित करते हैं।
  • समाज में समानता बढ़ाना: समाज कार्यकर्ताओं का प्रमुख उद्देश्य समाज में समानता को प्रोत्साहित करना होता है। वे विभिन्न समुदायों में विशेषाधिकारों की पहचान करते हैं और उन्हें उनके अधिकारों का लाभ उठाने में मदद करते हैं।
  • सामाजिक संगठन: समाज कार्यकर्ता समाज में गरीबी, अनाथता, विकलांगता, बाल-विवाह, शोषण जैसी समस्याओं के साथ लोगों की मदद करते हैं। उन्हें संगठित करने के लिए समाज के लोगों को एकत्र किया जाता है ताकि उनकी आवाज़ को सुना जा सके और समस्याओं का समाधान किया जा सके।
  • समाज में संबलता: समाज कार्यकर्ता समाज के विभिन्न वर्गों को सम्मिलित करने और उन्हें संबलता प्रदान करने में मदद करते हैं। इससे समाज में एकजुटता बढ़ती है और सामाजिक जीवन को स्थैतिकता से रूपांतरित करने के लिए एक वातावरण बनता है।

इन सभी मूल्यवान अंशों के माध्यम से समाज कार्य न केवल समाज को समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ाता है, बल्कि एक समरसता और समानता से भरा समाज का निर्माण करने में मदद करता है।

समाज कार्य के मूल्य

समाजशात्रियों एवं सामाजिक वैज्ञानिकों द्वारा बताये गये समाज कार्य के मूल्य

एस० सी० कॉस ने समाज कार्य के निम्नलिखीत दस प्राथमिक मूल्यों का उल्लेख किया है –

  1. मनुष्य के महत्व और गरिमा को बनाए रखने के लिए,
  2. मानव प्रकृति में पूर्ण मानव विकास की क्षमता का विकास करना,
  3. मतभेदों के लिए सहनशील होना,
  4. मूलभूत मानवीय आवश्यकताओं की संतुष्टि को स्वीकार करने के लिए,
  5. स्वाधीनता में विश्वास करना,
  6. आत्म निर्देशन,
  7. अनिर्णायक प्रवृत्ति,
  8. रचनात्मक सामाजिक सहयोग,
  9. कार्य का महत्त्व तथा रिक्त समय का रचनात्मक उपयोग, और
  10. मनुष्य और प्रकृति द्वारा उत्पन्न किए गए खतरों से अपने अस्तित्व की रक्षा ।

हर्बर्ट बिस्नो ने समाज कार्य के मूल्यों को चार क्षेत्रों में विभाजित किया है

पहला, व्यक्ति की प्रकृति के संदर्भ में

इस क्षेत्र में बिस्नों ने १० मूल्यों की व्याख्या की है –

  1. प्रत्येक व्यक्ति अपने अस्तित्व के कारण मूल्यवान है। मूल्य समाज कार्य दर्शन की आधारशिला है।
  2. मानवीय पीड़ा अवांछनीय है और इसको दूर किया जाना चाहिए अन्यथा इन्हें यथा सम्भव कम किया जाना चाहिए |
  3. सम्पूर्ण मानव व्यवहार जीव और उसके वातावरण की अन्तःक्रिया का परिणाम है।
  4. मनुष्य स्वभावत: विवेकपूर्ण कार्य नहीं करता |
  5. जन्म के समय मनुष्य अनैतिक या असामाजिक होता है।
  6. मनुष्य की आवश्यकताएं व्यक्तिगत और सामाजिक दोनों होती है।
  7. मनुष्यों में पारस्परिक महत्वपूर्ण अन्तर होते हैं, जिन्हें स्वीकार कर मान लेना चाहिए।
  8. मानवीय अभिप्रेरणा जटिल और प्रायः अस्पष्ट होती है।
  9. व्यक्ति के प्रारंभिक विकास में पारिवारिक संबंधों का बुनियादी महत्व है।
  10. सीखने की प्रक्रिया में अनुभव एक आवश्यक पहल है।

दूसरा, समूहों, व्यक्तियों एवं समूहों और व्यक्तियों के आपसी सम्बन्धों के संदर्भ में

दूसरे क्षेत्र में बिस्नो ने १० मूल्यों की व्याख्या की है –

  1. समाज कार्य हस्तक्षेप न करने की नीति और योग्यतम की उत्तरजीवित के सिद्धान्त को स्वीकार करता है।
  2. यह आवश्यक नहीं है कि धनी और शक्तिशाली व्यक्ति ही योग्य हो तथा निर्धन एवं दुर्बल व्यक्ति आयोग्य हो।
  3. समाजीकृत व्यक्तिवाद विषय व्यक्तिवाद की अपेक्षा बेहतर है।
  4. अपने सदस्यों के कल्याण की मुख्य जिम्मेदारी समुदाय की होती है।
  5. समाज के सभी वर्गों को सामाजिक सेवाओं और सामाजिक कार्यों के मूल्यों पर समान अधिकार हैं। समुदाय का यह दायित्व है कि वह बिना किसी भेदभाव के अपने सभी सदस्यों की कठिनाइयों को पूरी तरह से हल करे।
  6. स्वास्थ्य, आवास, पूर्ण रोजगार, शिक्षा एवं अन्य विभिन्न प्रकार की जनकल्याणकारी एवं सामाजिक बीमा योजनाओं से संबंधित कार्यक्रम को क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी केन्द्र सरकार की होती है।
  7. जन सहायता के कार्यक्रमों को आवश्यकता की अवधारणा पर आधारित होना चाहिए ।
  8. सामुदायिक जीवन में संगठित श्रम का सक्रिय योगदान है।
  9. संपूर्ण समानता और आपसी सम्मान के आधार पर सभी प्रजातियों और जातीय समूहों के बीच पूर्ण सहयोग होना चाहिए।
  10. स्वतंत्रता और सुरक्षा में कोई पारस्परिक भिन्नता नहीं है।

तीसरा, समाज कार्य की प्रणालियों एवं कार्यों के संदर्भ में

तीसरे क्षेत्र में बिस्नो ने ६ मूल्यों की व्याख्या की है –

  1. समाज कार्य का द्विमुखी दृष्टिकोण है। एक ओर समाज कार्य व्यक्तियों का संस्थागत समाज के साथ समायोजन स्थापित करने में सहायता देता है तो दूसरी ओर वह इस संस्थागत समाज के आवश्यक क्षेत्रों में परिवर्तन लाने का भी प्रयास करता है।
  2. मानव व्यवहार के अध्ययन के लिए वैज्ञानिक पद्धति को आवश्यक उपकरण माना जाता है।
  3. सामान्यतया एक सक्षम व्यक्ति अपने हितों का सबसे अच्छा निर्णायक होता है। निर्णय लेने और अपनी समस्याओं का समाधान स्वयं करना चाहिए।
  4. सामाजिक कार्यकर्ता व्यवहार में सुधार और सामाजिक विकास हेतु वातावरण के परिवर्तन एवं अन्तर्दृष्टि के विकास पर विश्वास करता है न कि आदेश निर्णय तथा प्रबोधन में ।
  5. सार्वजनिक और निजी दोनों ही संस्थाओं में समाज कार्य सेवाएं व्यावसायिक रूप से प्रशिक्षण प्राप्त व्यावसायिक कार्यकर्ताओं द्वारा ही प्रदान की जानी चाहिए ।
  6. समाज कार्य लोकतंत्र को एक प्रणाली के रूप में स्वीकार करता है।

चौथा, सामाजिक कुसमायोजन और सामाजिक परिवर्तन के संदर्भ में

चौथे क्षेत्र ने बिस्नों ने ३ मूल्यों का उल्लेख किया है –

  1. हमारी संस्कृति में गम्भीर राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक कुसमायोजन है।
  2. क्रमिक विकास द्वारा किया गया सुधार हमारे समाज के लिए संभव और वांछनीय है।
  3. सामाजिक नियोजन आवश्यक है।

कोनोप्का ने प्राथमिक और द्वितीयक मूल्यों के बीच अंतर पर विचार किया है। उनके अनुसार प्राथमिक मूल्य दो हैं-         

  1. प्रत्येक व्यक्ति को उचित सम्मान और अपनी क्षमताओं और योग्यताओं के समग्र विकास का अधिकार है।
  2. व्यक्तियों में परस्पर निर्भरता और एक दूसरे के प्रति उनकी योग्यतानुसार उत्तरदायित्व।
समाज कार्य के मूल्य एवं नैतिकता

FAQs

Q1: समाज कार्य क्या होते हैं? A1: समाज कार्य समाज के उत्थान और सुधार में योगदान करने वाले कार्य होते हैं।

Q2: समाज कार्य क्यों महत्वपूर्ण होते हैं? A2: समाज कार्य समाज के विकास और समरसता को प्रोत्साहित करते हैं और सामाजिक समस्याओं का समाधान करने में मदद करते हैं।

Q3: समाज कार्य के मूल्यों में क्या शामिल होता है? A3: समाज कार्य के मूल्यों में सहायता, समरसता, सेवा, न्याय, शिक्षा, और समाजिक नीति शामिल होते हैं।

Q4: समाज कार्य कैसे किया जाता है? A4: समाज कार्य समाज कार्यकर्ताओं द्वारा किया जाता है, जो विभिन्न संगठनों और नगरीय समूहों के माध्यम से कार्य करते हैं।

Q5: समाज कार्य का मुख्य उद्देश्य क्या होता है? A5: समाज कार्य का मुख्य उद्देश्य समाज के उत्थान और समृद्धि को प्रोत्साहित करना होता है।

Q6: समाज कार्य के लाभ क्या होते हैं? A6: समाज कार्य से समाज में समरसता बढ़ती है, समाजिक समस्याओं का समाधान होता है, और लोगों का उत्थान होता है।

Q7: समाज कार्य कौन-कौन से क्षेत्रों में किए जाते हैं? A7: समाज कार्य शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, बाल कल्याण, नारी उत्थान, और गरीबी उन्मूलन के क्षेत्रों में किए जाते हैं।

Q8: समाज कार्य कौन-कौन से संगठन और एजेंसियां होती हैं? A8: गैर सरकारी संगठन, एनजीओज, सामाजिक क्लब्स, धार्मिक संस्थान और सरकारी नगर पालिका समितियां समाज कार्य करती हैं।

Q9: समाज कार्य कैसे धन उपलब्ध करते हैं? A9: समाज कार्य, नागरिकों से योगदान, और सरकारी योजनाओं के जरिए धन उपलब्ध करते हैं।

Q10: समाज कार्य करने के लिए जुड़ने का तरीका क्या है? A10: समाज कार्य करने के लिए लोग स्थानीय संगठनों, नागरिक समूहों, और सामाजिक संस्थानों से जुड़ सकते हैं और उनके कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी कर सकते हैं।

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